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लघुकथा- ममत्व


माँ परेशान थी कि उसका आपरेशन सफल नहीं हुआ ? मुझे कुछ हो गया तो मेरे बच्चों का क्या होगा ?

बेटा मेरे बिना सो नहीं पता है। बेटी खाना भी नही बना पाती। इसी चिंता में वह आपरेशन थियेटर नही जा रही थी। डांक्टर ने बहुत समझाया फिर भी वह बच्चों को गोदी से अलग नही कर पा रही थी।

माँ आपरेशन थियेटर की ओर बढ़ी, बच्चे कमरा संख्य़ा 203 की ओर। उधर माँ बच्चों की चिंता के साथ बेहोश होती गई, इधर बच्चे कमरे में लगी टी.वी .के सामने डट गए। डांक्टर आपरेशन में व्यस्त, बच्चे टी.वी. में मस्त। बच्चों को पता ही नही चला कि आंपरेशन कब हो गया। माँ ने होश में आते ही बच्चों की ओर ले चलने को कहा। कमरे में पहुँचने पर माँ ने बच्चों को अपने पास बुलाया।  बच्चों ने कहा-मम्मी प्लीज, थोड़ी देर …।माँ बच्चों की ओर निहार रही थी बच्चे टी.वी की ओर।

(लेखक) डां.अशोक.अज्ञानी

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