मोल्डिंग सिस्टम — अलका सिन्हा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नीति आयोग की पहली बैठक 6 फरवरी भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण व्यक्ति पूजा को अनुचित नहीं मानता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

Archive for the Category ‘आपका मंच’


‘नीलम देश की राजकन्या’ कहानी -जैनेन्द्र कुमार

Friday, January 2nd, 2015
'नीलम देश की राजकन्या' कहानी -जैनेन्द्र कुमार साहित्य की प्रचलित धाराओं के बरअक्स अपनी एक जुदा राह बनाने वाले जैनेन्द्र को गांधी दर्शन के प्रवक्ता, लेखक के रूप में याद किया जाता है। गांधीवादी चिंतक, मनोवैज्ञानिक कथा साहित्य के सूत्रधार, साहित्यकार जैनेन्द्र को उनके विशिष्ट दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक साहित्य के लिये भी जाना जाता है। हिन्दू रहस्यवाद, ...

आम और ख़ास – बीनू भटनागर

Thursday, January 30th, 2014
आम और ख़ास - बीनू भटनागर    ‘आप’ के नेता आम से ख़ास होते जा रहे हैं.. बिलकुल सही,’आप’ के विरोधी और मीडिया लगातार उन्हे ख़ास बनाने मे लगे हुए हैं, बहुत महनत कर रहे हैं।वो आम बने रहना चाहें, तो भी ये उन्हे ख़ास बनाये बिना    चैन की सांस नहीं लेंगे। अभी विरोधी दल का ...

आम आदमी की कविता – अवधेश सिंह

Friday, January 24th, 2014
आम आदमी  की कविता -   अवधेश सिंह भईया संग्रहालय की वस्तु है देश भक्ति और जन सरोकार संसद ने कारपोरेट हाउस का रूप अब कर लिया है अख़्तियार बिजनीस हेड जन प्रतिनिध बन कर बना लेते है मजबूत सरकार उन्हे कब अच्छे लगेंगे सड़क छाप आम आदमी के स्वदेशी और  देशी व्यवहार आम आदमी अपराध से लड़ने के लिए कानून को हांथ मे लेने का जब जोखिम उठाएगा तभी आम आदमी ...

आप को संदेह की नज़रों से देखने के बजाए आशाओं की नज़रों से देखना उचित

Tuesday, January 7th, 2014
आप को संदेह की नज़रों से देखने के बजाए आशाओं की नज़रों से देखना उचित तनवीर जाफ़री देश के  राजनैतिक पटल पर आप नामक एक नए   राजनैतिक दल का उदय हो चुका है।   गत् सात दशकों तक   घूम-फिर   कर कांग्रेस व   भारतीय    जनता पार्टी के ही हाथों तक सीमित रहने वाली दिल्ली   की सत्ता को   दिल्लीवासियों ने ...

हाँ मैं दलित स्त्री हूँ – दीप्ति शर्मा

Monday, December 30th, 2013
हाँ मैं दलित स्त्री हूँ -  दीप्ति शर्मा मैं तो बरसों की भाँती आज भी यहीं हूँ तुम्हारे साथ पर तुम्हारी सोच नहीं बदली पत्थर तोडते मेरे हाथ  पसीने से तर हुई देह और तुम्हारी काम दृष्टि नहीं बदली अब तक ये हाथों की रेखाएँ माथे पर पडी सलवटें बच्चों का पेट नहीं भर सकती मैं जानती हूँ और तुम भी कंकाल बन बिस्तर पर पड जाना मेरा यही चाहते हो ...

लघुकथा – एक नई शुरुआत -पद्मा मिश्रा

Monday, December 23rd, 2013
लघुकथा - एक नई शुरुआत -पद्मा मिश्रा   दादी अभी भी नाराज चल रही है ,सुबह से केवल चाय पी और ठाकुरजी के आगे  बैठकर माला जप रही हैं  -स्निग्धा को कभी कभी दादी पर बहुत  तरस आता है - बेचारी  क्या  करें ,पुरानी परम्पराओं में जकड़ी हुई अपनी रूढ़ियों और संस्कारों को नहीं छोड़ पातीं उन्होंने ...

भारत को पोलियो मुक्त बनाने में डॉ हर्षवर्धन की पथप्रदर्शक भूमिका

Friday, December 13th, 2013
भारत को पोलियो मुक्त बनाने में डॉ हर्षवर्धन की पथप्रदर्शक भूमिका भारत को पोलियो मुक्त बनाने में डॉ हर्षवर्धन की पथप्रदर्शक भूमिका को बधाई और धन्यवाद् देते हुए अपने ब्लॉग में लाल कृष्ण अडवाणी लिखते है…… मेरी पत्नी कमला और मेरे लिए यह महीना विशेष महत्व का है, क्योंकि हम दोनों का जन्मदिन नवम्बर में ही पड़ता है। कमला का 27 नवम्बर ...

लघुकथा – क्या होगा हमारा – सुधा भार्गव

Friday, December 6th, 2013
लघुकथा - क्या होगा  हमारा - सुधा भार्गव    यह  क्या  मुसीबत  है - - - सुबह  से  ही  पानी  की  किल्लत ! न  बाथरूम  में  पानी  न रसोई  में  पानी I -तुम  को  मालूम  नहीं !पानी  का  राशन  हो  गया  है I एक एरिया  में  एक -एक  दिन  छोड़कर  आएगा  ,वह  भी  केवल  चार  घंटे  को I      हे ...

जाड़ा और दिल का दौरा – मिलन सिन्हा

Sunday, December 1st, 2013
जाड़ा और दिल का दौरा  - मिलन  सिन्हा   भारत में ह्रदय रोग से पीड़ित लोगों  की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर साल देश में 30 लाख से ज्यादा लोग इस रोग के कारण मारे जाते हैं। दुनिया के 60 % ह्रदय रोगी भारत में हैं।   इसी कारण हमारे देश को ह्रदय रोग की विश्व राजधानी ...

ये कहां आ गए हम

Wednesday, November 27th, 2013
ये कहां आ गए हम आज हिंदुस्तान  के संविधान  पर प्रशन चिन्ह लग गए हैं इसकी वज़ह कोई और नहीं बल्कि हम स्वयं हैं| राजनीति ने विश्वास  को किस प्रकार हमसे छीना । आइये जानते हैं चंद शब्दों से...... सन 1967। मैं उन दिनों प्राइमरी का छात्र था। इलाहाबाद में टैगोर टाउन स्थित हमारे मकान के बगल ...
Page 1 of 3512345...102030...Last »