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दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

Archive for the Category ‘लेख व विचार’


गांधीजी को गोली लगते देखा था देवदत्त और मदान ने

Friday, October 2nd, 2015
गांधीजी को गोली लगते देखा था देवदत्त और मदान ने “वह भी एक दिन था।” वे क्षण भर रुके। फिर थोड़ी दूर चलकर बताया," गांधीजी को जब गोली लगी तो मैं इस स्थान (10 से 12 फुट की दूरी) पर था।”  यह कहना है के.डी. मदान का। सहसा इसपर आपको यकीन न हो। पर उन्हें सुनने के बाद वह दृश्य ...

भारत का मौन – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

Sunday, March 23rd, 2014
   नई दिल्ली,मार्च 23 :  विदेश नीति के मामले में हमारी सरकार लगभग अकर्मण्य सिद्ध हो रही है। फिलहाल उसका सारा ध्यान चुनाव में लगा हुआ है। विदेश नीति का लक्ष्य होता है- अपने देश के हितों की रक्षा करना लेकिन इस समय कांग्रेस अपने ही हितों की रक्षा में निमग्न ...

नमो-नमो नहीं करने का अर्थ – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक

Friday, March 14th, 2014
  नई दिल्ली, 13मार्च 14 : सर संघचालक मोहन भागवतजी ने बेंगलुरु की प्रतिनिधि  सभा  के  दौरान  कह  दिया  कि  ‘हमारा  काम  नमो-नमो  करना  नहीं  है।’  उनके  इस  कथन  को कांग्रेस  ले  उड़ी।  डूबते  जहाज  को  मानो  सहारा  मिल  गया।  मोदी  का  विरोध  अगर  राष्ट्रीय  स्वयंसेवक  संघ  ही  करने  लगे  तो ...

राहुल कब बनेगा गांधी – डॉ.वेदप्रताप वैदिक

Thursday, January 30th, 2014
राहुल कब बनेगा गांधी - डॉ.वेदप्रताप वैदिक   नई दिल्ली,जनवरी 30 :  राहुल   गांधी  के  बारे  में  पिछले  साल  मैंने  लिखा  था  कि  वह  बहुत  भोला  है। राजनीति  करने  के  लिए  जो  चतुराई  चाहिए,  वह उसमें नहीं है।  चालाकी नहीं, चतुराई। ‘टाइम्स नॉऊ’ के प्रसिद्ध सूत्रधार अर्णब गोस्वामी  को भेंट-वार्ता  देना  क्या  जरुरी था?   राहुल अपनी मॉं ...

ये प्रणब दा नहीं, राष्ट्रपति हैं – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

Thursday, January 30th, 2014
ये प्रणब दा नहीं, राष्ट्रपति हैं - डॉ. वेदप्रताप वैदिक  नई दिल्ली,जनवरी 30  :  राष्ट्रपति  प्रणब  मुखर्जी ने इस बार गणतंत्र-दिवस  पर राष्ट्र के नाम जो संदेश दिया है, वह अपने  आप में  असाधारण है।  प्रायः  राष्ट्रपति  अपने मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावित और  अफसरों  द्वारा  लिखा  हुआ भाषण पढ़ देते हैं।  न तो उसे कोई  रस लेकर पढ़ता है, न सुनता  है ...

पार्टनर तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है -प्रमोद रंजन

Monday, January 27th, 2014
पार्टनर तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है -प्रमोद रंजन इमां मुझे रोके हैं, जो है खींचे मुझे कुफ्र काबा मेरे पीछे है, कलीसा मेरे आगे!  मिर्जा गालिब    नई दिल्ली,जनवरी 27 :    ‘पार्टनर तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है?’    हिंदी के महान कवि मुक्तिबोध 1960   के दशक में अपने  मित्रों से यह सवाल उनकी विचारधारा के संबंध में पूछते थे। आज ...

बहती गंगा में हाथ धोते जैन लोग – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

Saturday, January 25th, 2014
बहती गंगा में हाथ धोते जैन लोग - डॉ. वेदप्रताप वैदिक  नई दिल्ली,जनवरी 25 :  भारत के जैन समाज को अल्पसंख्यक   समुदाय   का दर्जा मिल गया, इस पर बहुत-से हिंदू   तो नाखुश होंगे ही, अनेक अल्पसंख्यक भी दुखी होंगे। हिंदू दुखी आत्माएं कहेंगी कि जैनों को अल्पसंख्यक की मान्यता देकर कांग्रेस सरकार   ने हिंदुओं की एकता को ...

मोदी और राहुल: नेता और अभिनेता – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

Friday, January 24th, 2014
मोदी और राहुल: नेता और अभिनेता - डॉ. वेदप्रताप वैदिक   नई दिल्ली,जनवरी 24 :   भाजपा और कांग्रेस, दोनों प्रमुख पार्टियों के   अधिवेशन   दिल्ली   में   लगभग साथ-साथ हुए।   दोनों अधिवेशनों में सबसे अधिक प्रमुखता मिली, राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी के भाषणों को। राहुल गांधी का भाषण बहुत जोशीला था।   इतना जोशीला   भाषण ...

दोनों बने एक दूसरे के पसंदीदा राष्ट्र – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

Friday, January 24th, 2014
दोनों बने एक दूसरे के पसंदीदा राष्ट्र - डॉ. वेदप्रताप वैदिक   नई दिल्ली,जनवरी 24 :  भारत  और  पाकिस्तान  के  मोर्चे  से  बहुत  दिनों  बाद  एक  खुश खबर आई हैं।   दोनों  देशों  के  व्यापार  मंत्रियों  ने बरसो से चल रहे समझौते को संपन्न कर लिया है। इस समझौते के अंतर्गत दोनों राष्ट्र एक-दूसरे के व्यापार के लिए अपने-अपने दरवाजे खोल ...

हिरना, समझ-बूझ बन चरना! – डॉ. वेदप्रताप वैदिक

Thursday, January 16th, 2014
हिरना, समझ-बूझ बन चरना! - डॉ. वेदप्रताप वैदिक   सारे    अखबार   लिख रहे   हैं कि जनता दरबाप ‘फ्लॉप’ हो गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भागकर छत पर चढ़ गया। अब वह छत पर बैठकर सरकार चला रहा है। अरविंद क्या करता?    क्या उसे उस भीड़ के सामने बैठे रहना चाहिए था? जो लोग उसकी आलोचना ...
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