मोल्डिंग सिस्टम — अलका सिन्हा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नीति आयोग की पहली बैठक 6 फरवरी भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण व्यक्ति पूजा को अनुचित नहीं मानता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

उप्र में 570 गांव बाढ़ की चपेट में


Flood In UPलखनऊ , जुलाई 1 | उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में रविवार से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से राज्य के 570 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है। बाढ़ प्रभावित अधिकांश क्षेत्रों में 25 से 30 सेन्टीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश की वजह से नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से कई गावों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने को बताया कि पूर्वी उप्र में वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसकी वजह से आने वाले समय में और अधिक बारिश होने की सम्भावना है। उत्तर प्रदेश में पिछले 36 घंटों से सूबे के अधिकांश जिलों में हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं, जिससे कम से कम 10 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ की वजह से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इस बीच प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा गया है। कई स्थानों पर बचाव एवं राहत कायरें में पुलिस, पीएसी, एनडीआरएफ एवं एसएसबी की सहायता ली जा रही है। पूर्वी उप्र में शारदा, घाघरा और बूढ़ी राप्ती खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई गांव प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में पिछले 24 घंटों में 30 स्थानों पर 25 सेमी से अधिका बारिश रिकॉर्ड की गई है। शारदा नदी पलिया कला में, घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज बाराबंकी, बूढ़ी राप्ती ककरही सिद्घार्थनगर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। सूबे के बाढ़ प्रभावित जिलों में मुख्य रूप से मुजफ्फर नगर, बिजनौर, सीतापुर, बहराइच, अलीगढ़, बाराबंकी, फैजाबाद, शाहजहांपुर और फरूखाबाद शामिल हैं। इन 10 जिलों में कई गांव बाढ़ से घिरे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक जो जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, वहां राहत एवं बचाव कार्य युद्घस्तर पर चलाए जा रहे हैं। लोगों को खाने और दवाइयों के साथ ही कम्बल भी मुहैया कराया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में 100 से अधिक बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं।

हिन्दी में राष्ट्रीय - अंतरराष्ट्रीय समाचार, लेख, भाषा - साहित्य एवं प्रवासी दुनिया से नि:शुल्क जुड़ाव के लिए
अपना ईमेल यहाँ भरें :

Leave a Reply