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इलाहबाद बैंक के हिंदी पखवाड़े में कवियत्री इला कुमार सम्मानित


  15 सितम्बर 2012 को दिल्ली के होटल ‘द पार्क’ में इलाहाबाद बैंक की ओर से हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवारे के उपलक्ष्य में ‘इला-त्रिवेणी सम्मान 2012′ के समारोह का आयोजन किया गया!  इलाहाबाद बैंक से जुड़े इला-त्रिवेणी पत्रिका के संपादक, कवि-लेखक श्री राजेश्वर वशिष्ठ जी इसकार्यक्रम के मुख्य संयोजक की भूमिका में थे!  बहु-आयामी व्यक्तित्व के स्वामी राजेश्वर जी ने इस कार्यक्रम के सधे हुए संचालक की भूमिका भी बखूबी अदा की!

उल्लेखनीय है अभी एक दिन पहले ही इलाहाबाद बैंक को राष्ट्रपति से सम्मान मिला था तो सभी अधिकारीगण इस उपलब्धि पर  प्रसन्नचित नज़र आये!  इसकार्यक्रम में  गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से अधिकारीगण, सभी बैंकोंके राजभाषा अधिकारी एवं हिंदी साहित्य जगत से जुड़े लोगों को आमंत्रित कियागया था!

कार्यक्रमको तीन सत्रों में विभाजित किया गया था!  प्रथम सत्र में बैंकिंग में बदलते परिवेश में राजभाषा अधिकारियों की भूमिका पर विमर्श हुआ जिसमें डॉ. गजेन्द्र, श्री ढ़ोंढीयाल, श्री राकेश कुमार एवं मंडल प्रमुख श्री विपुल सिंगला ने अपने विचार रखे!  आज जबकि निजी क्षेत्र से हिंदी लुप्तप्राय अवस्था में है, सरकारी बैंकिंग में राजभाषा को मिल रहे सम्मान और उसके लिए प्रयासरत राजभाषा अधिकारियों की चिंताएं उस सुखद बयार जैसी प्रतीत हुई जहाँ लगता हैकि हिंदी के अभी भी बहुत सी संभावनाएं बची हुई हैं!

कार्यक्रम का सञ्चालनकर रहे राजेश्वर जी विनोदपूर्ण चुटकियों द्वारा न केवल सभी का मनोरंजन करतेरहे अपितु कुछ बहद जरूरी बातें भी सहजता से रखते रहे!  तत्पश्चात आमंत्रितकवयित्रियों डॉ. इला कुमार, गीता पंडित, अंजू शर्मा एवं आकांक्षा पारे को हिंदी कविता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियों हेतु ‘इला त्रिवेणीसम्मान 2012′ द्वारा सम्मानित किया गया!  जलपान के तुरंत बाद काव्य-गोष्ठीका आयोजन किया गया!

डॉ.इला कुमार ने कई कविताओं का पाठ किया इनमें से किन्‍हीं रात्रियों में, कामना, सागर की छुअन, एक बार और छिछलती बूंद कविताएं सभी को बेहद पसंद आई! इला जी ने लगभग सभी विषयों पर दिल को छूती कवितायेँ सुनाई!

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