केरल में मछुआरों की हत्या के विरोध में प्रदर्शन
कोल्लम/कोच्चि। इटली के मालवाहक जहाज से हुई गोलीबारी में मारे गए मछुआरों के एक परिवार ने मंगलवार को मुआवजे के लिए केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उधर इस घटना के विरोध में इटली के नागरिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मछुआरों के कई समूहों ने मंगलवार को कोल्लम कलेक्टोरेट और राजधानी में विरोध-प्रदर्शन किया।
याचिका में परिवार ने मांग की है कि जबतक एक करोड़ रुपये मुआवजा अदा नहीं किया जाता तबतक न्यायालय जहाज को कब्जे में रखने का निर्देश दे। उधर कोल्लम पुलिस ने कहा कि इटली के जहाज के दो अधिकारियों ने दो भारतीय मछुआरों की हत्या में जिस हथियार का इस्तेमाल किया था, वह अभी तक पोत पर ही है और पुलिस को तलाशी वारंट के लिए अदालत से अनुमति मिल गई है।
इस बीच इटली के विदेश मंत्री गुलियो तेरजी ने कहा है कि भारतीय अधिकारी, दो मछुआरों की हत्या के सिलसिले में इटली के दो सुरक्षा अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर भावनाएं भड़का रहे हैं। याचिका वकील विन्सेंट और कोल्लम डाइअसिस की ओर से दायर की गई है। गोलीबारी में मारा गया मछुआरा गेलास्टीन धार्मिक संगठन (कोल्लम डाइअसिस) से जुड़ा है।
गेलास्टीन के संबंधी और फादर राजेश मार्टिन ने कहा कि हमने एक करोड़ रुपये मुआवजे का दावा किया है क्योंकि हमें लगता है कि उसके बच्चों की शिक्षा और भविष्य के लिए इतनी राशि की जरूरत होगी। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमने अपील की है कि मुआवजे की राशि न्यायालय में जमा होने के बाद ही मालवाहक जहाज को कोच्चि छोड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।
मछुआरों के कई समूहों ने मंगलवार को कोल्लम कलेक्टोरेट और राजधानी में विरोध-प्रदर्शन किया। तिरूवनंतपुरम में प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले सी.पीटर ने पत्रकारों से कहा कि मालवाहक जहाज के कप्तान को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इटली के मालवाहक जहाज के चालक दल के सदस्यों ने गत 15 फरवरी को अलाप्पुझा के तट पर भारतीय मछुआरों गेलैस्टीन (45) और अजेश बिंकी को कथित रूप से समुद्री डाकू समझकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।



















