मोल्डिंग सिस्टम — अलका सिन्हा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नीति आयोग की पहली बैठक 6 फरवरी भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण व्यक्ति पूजा को अनुचित नहीं मानता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

गणतंत्र दिवस – सुलेखा डोगरा


सोने की चिड़िया कहलाता था प्यारा हिंदुस्तान हमारा

जान से भी अज़ीज़ है हमें, भारत देश हमारा

कभी हम देश भक्ती के गीत गाते थे

इसकी शान में हम सर अपना झुकाते थे

यह गौरव था हमारा, यह प्रतीक था इमान का

यह इतिहास है बलिदान का

इसे आज़ाद करवाने में, कटाए कई वीरों ने सर

छुड़ाया विदेषिओं के पंजों से जाने कुर्बान की इस पर

शहीदों के बलिदानों से मिला हमें यह लोकतंत्र

जश्न ए आज़ादी मनाया हमने की हो गया भारत स्वतन्त्र

यह सपना था गांधी, जवाहर, बाल लाल पाल का

 

पर क्या सही मायनो में हम स्वतन्त्र हो पाए ?

क्या देश में सही गणतंत्र ला पाए?

यह तो बन गया गुलाम अपनी ही सरकार का

ना दे पाया रामराज्य, बन गया अड्डा भ्रष्टाचार का

कोर्ट कचहरी, सी .बी.आयी. वकील तक, बन गए हैं कठपुतलियाँ सरकार की

पग पग पर खून हो रहा सत्य का, गणतंत्र की हो रही हार भी

दोहा तुलसीदास का सच हो गया

“माया को माया मिले कर कर लम्बे हाथ, तुलसीदास गरीब की कोए ना पूछे बात”

माया बहेन धन बटोरती, हाथी की लेकर आड़,

अपने ही बुत बनवा कर, पहनवा रही ताज़ा फूलों के हार

पावार जी की पावर से दुखी हैं कईं गरीब जन

सांसे अटकी हैं कंठ में जमा कर रहे फिर भी काला धन

राहुल जी परेशान हैं, कैसे भी सत्ता की कुर्सी मिल जाये

अडवानी जी बैठे सोच में, किसी तरह सोनिया की कुर्सी हिल जाये

होड़ लगी मंत्रिओं में, कैसे छुपायें काला धन

मूंह भले ही काला हो जाये, फिर भी धन से नहीं भरता है मन

खेल मंत्री ने करोरों कमा लिए,खेल ही खेल में

लालू जी चारा घोटाला कर गए, बैठ कर रेल में

अन्ना जी संगर्ष कर रहे, लोकायुक्त को पास कराने का

किन्तु सामना हर पल कर रहे, सरकार के नए बहानों का

नेताओं ने बेच दी है शर्म भी, जनता है शर्मसार सी

परेशान में भी हूँ बहुत, देख कर करतूत सरकार की

जागो देस वासिओ अब, छीन लो भ्रष्ट हाथों से सरकार तुम

मुक्त करा दो देश को, ना उजड़ने दो अपना चमन

 

श्रृंगार करो करो भारत माँ का तुम

अमन, शांती, ईमान से देनी पड़े जो जान भी

डरना ना तुम बलिदान से

*****

sulekhadogra@gmail.com

                               

हिन्दी में राष्ट्रीय - अंतरराष्ट्रीय समाचार, लेख, भाषा - साहित्य एवं प्रवासी दुनिया से नि:शुल्क जुड़ाव के लिए
अपना ईमेल यहाँ भरें :

Leave a Reply