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Posts Tagged ‘इला कुमार’


भारतीय शिक्षानीति और समाज – इला कुमार

Friday, September 6th, 2013
भारतीय शिक्षानीति और समाज - इला कुमार    मानव इतिहास के आदिकाल से ही शिक्षा का विविध भांति सतत् विकास तथा विस्तार होता रहा है। प्रत्येक देश अपनी अनूठी सामाजिक तथा सांस्कृतिक पहचान की अभिव्यक्ति तथा संवृद्धि के लिए अपनी विशिष्ट शिक्षा प्रणाली विकसित करता रहा है। भारतवर्ष की मौजूदा स्थिति में यदि शिक्षा जैसे जाग्रत विषय ...

इलाहबाद बैंक के हिंदी पखवाड़े में कवियत्री इला कुमार सम्मानित

Saturday, September 22nd, 2012
इलाहबाद बैंक के हिंदी पखवाड़े में कवियत्री इला कुमार सम्मानित   15 सितम्बर 2012 को दिल्ली के होटल 'द पार्क' में इलाहाबाद बैंक की ओर से हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवारे के उपलक्ष्य में 'इला-त्रिवेणी सम्मान 2012' के समारोह का आयोजन किया गया!  इलाहाबाद बैंक से जुड़े इला-त्रिवेणी पत्रिका के संपादक, कवि-लेखक श्री राजेश्वर वशिष्ठ जी इसकार्यक्रम के मुख्य संयोजक की भूमिका ...

शिक्षा-शिक्षण और उपार्जन – इला कुमार

Thursday, September 6th, 2012
शिक्षा-शिक्षण और उपार्जन - इला कुमार   शिक्षा से सम्बन्धित एक तथ्य पुरातनकालीन संदर्भ में उपनिषद कथाओं के बीच से उभरता है - जब उद्दालक मुनिपुत्र श्वेतकेतु शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् आत्मज्ञानी राजा प्रवाहण की सभा में जाता है तो प्रवाहण उससे आत्मविषयक पाँच प्रश्न पूछते हैं- ‘‘जीव-गण इस लोक में कहां से आते हैं?‘‘, ...

ईष – उपनिषद् – परिचय

Thursday, May 24th, 2012
ईष - उपनिषद्  - परिचय ईष-उपनिषद् अपने नन्हें (परंतु उज्जवलतम) कलेवर के कारण अन्य उपनिषदों के बीच बेहद  महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है, न कोई कथा न कहानी, मात्र आत्म वर्णन। इस उपनिषद् के शब्द-शब्द में मानों ब्रह्म-वर्णन,  उपासना,  प्रार्थना आदि झंकृत है। पहले श्लोक ‘‘ईशावास्यमिदंसर्वंयत्किंच जगत्यां-जगत...’’ से लेकर अठारहवें  श्लोक ‘‘अग्ने नय सुपथा राये अस्मान् विध्वानि ...

इला कुमार जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनकी चंद कृतियां

Thursday, March 1st, 2012
इला कुमार जी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनकी चंद कृतियां परिचय इला कुमार जी का जन्म 1 मार्च 1956 को मुज़फ्फरपुर में हुआ। इन्होंने एम्. एससी. (फिजिक्स), बी.एड. तथा एल.एल.बी. की शिक्षा प्राप्त की है।  कुछ वर्षो तक अध्यापन तथा तीन वर्ष सिंहभूम के आदिवासी जन-जीवन का विशेष अध्ययन कविताओं और कहानियों के अलावा शैक्षिक, सामाजिक तथा वेदान्तिक विषयों पर सक्रिय ...

कुछ प्रश्न – इला कुमार

Saturday, November 5th, 2011
कुछ प्रश्न - इला कुमार छठ पर्व की शाम में भारत की राजधानी दिल्ली की सड़के करीब है। यमुना के ऊपर बने आई.टी.ओ पुल पर से कार गुजरती है।हम पीछे मंड़ी हाउस, सिकन्दरा रोड वगैरह छोड़कर आगे बड़े है और ऊँचा अकेला खड़ा विकास मीनार भी पीछे छूट गया है।आई.टी.ओ. पुल गजब की भीड़ है ...

कविताओं के संदर्भ में अज्ञेय – इला कुमार

Saturday, September 17th, 2011
कविताओं के संदर्भ में अज्ञेय - इला कुमार सात मार्च 1911 को गोरखपुर के कुशीनगर में जन्मे हीरानंद, सच्चिदानंद वास्त्सायन ‘अज्ञेय’ की जन्मशती के अवसर पर उन्हें बार-बार साहित्य  प्रेमियों के द्वारा कई सम्मेलनों, गोष्ठियां आदि में श्रद्वापूर्वक याद किया जा रहा है। उनकी  रचनाओं के पुनर्पाठ किए गए। सच तो यह है कि इन  औपचारिक कार्यक्रमों के बीच ...

उपकोसल सत्यकाम कथा – इला कुमार

Wednesday, August 10th, 2011
उपकोसल सत्यकाम कथा - इला कुमार गार्हपत्याग्नि और आदित्य में प्रकाषत्व रूपी धर्म के समान रूप से स्थित होने के साथ साथ दोनों के अभेदत्व को इस कथा में ब्रम्ह रूपी प्राण और आकाष के उदाहरण द्वारा समझाया गया है । मूल कथा कमल पु़त्र उपकोसल के बहुत समय तक बम्हचर्य व्रत में रत होकर, गुरू सत्यकाम ...

सत्यकाम जाबाल कथा

Wednesday, June 29th, 2011
सत्यकाम जाबाल कथा संदर्भ: छांदोग्य उपनिषद *छान्दोग्य-उपनिषद की इस कहानी में ब्रह्म के उपासना की बात इंगित की गई है। इसमें कहा गया है कि ब्रह्मेपासना के अंग मुख्यतः श्रद्वा एवं तप हैं। इस तथ्य को निरूपित करने के क्रम में पूरे संसार को कारण रूप से एक-एक करके अलग दीखाते हुए उनके सोलह ...

छान्दोग्य उपनिषद्

Wednesday, June 1st, 2011
छान्दोग्य उपनिषद् छान्दोग्य उपनिषद् के बीच कल्प के प्रथम पुरूष मनु का नाम आता है। ऐसा है कि हिंदुओं के बीच वर्षों, महीनों, युगों और चतुर्युगियों की गिनती की वैज्ञानिक विधि प्रचलित है, इस विधि के द्वारा चार-चार युगों की गिनती के द्वारा कल्प और संवत्सर की गिनती की जाती है।  नीचे दी गई ब्रह्म-प्रजापति कथा ...
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