मोल्डिंग सिस्टम — अलका सिन्हा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नीति आयोग की पहली बैठक 6 फरवरी भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण व्यक्ति पूजा को अनुचित नहीं मानता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

Posts Tagged ‘हास्य व्यंग्य’


हास्य व्यंग्य – नया साल मुबारक – नरेंद्र कोहली

Thursday, October 1st, 2015
हास्य व्यंग्य - नया साल मुबारक - नरेंद्र कोहली    डाकिए ने अपने माथे का पसीना पोंछा और कुछ हाँफते हुए कहा, "नया साल मुबारक हो।" "इस ठंड में इतना पसीना क्यों आ रहा है भाई?"  मैंने कुछ सहानुभूति जताई। वह हँसा, "जब इतना बोझ लाद कर चलूँगा, तो पसीना तो आएगा ही। सारे देश को आ रहा है। साले कार्ड ...

चुटकी गुलाल की – शैल अग्रवाल

Sunday, March 16th, 2014
चुटकी गुलाल की - शैल अग्रवाल बरसाने लाल ने जब से सुनी है कि ब्रिटेन और फ्रांस क्या अमेरिका तक की पार्लियामेंट में दिवाली मनाई गईं, उनके मन में खलबली मच गई हैं। सर पर एक भूत सवार है कि इसबार विदेश में ही होली मनाएँगे वह भी। ऐसी होली कि दुनिया देखती रह जाए - ...

गधों ने घास खाना बन्द कर दिया है – रामस्वरूप रावतसरे

Wednesday, July 18th, 2012
 गधों ने घास खाना बन्द कर दिया है -  रामस्वरूप रावतसरे   मैं अपने घर में बैठा था कि हमारे घर के तथा कथित नीति निर्धारक चाचा चतरू ने दरवाजे पर आकर नोकिगं की ।  मै उठता उससे पहले ही मेरी बेगम ने उठ कर दरवाजा खोला और आदब की पॉजिशन में आते हुए उनका स्वागत सत्कार कर घर में प्रवेश ...

कॉमरेड और यमराजः संजीव निगम

Thursday, April 5th, 2012
कॉमरेड और यमराजः संजीव निगम अभी कॉमरेड मुख्य मंत्री को खांसी जुकाम हुए बस दो ही दिन हुए कि उनके सामने यमराज प्रकट हो गए.कॉमरेड चूँकि कोलेज के दिनों से ही धर्म विरोधी रहे थे अतः मृत्यु के देवता को पहचाने में वे ऐसे ही असफल रहे जैसे भारत सरकार बांग्लादेशियों को . बल्कि वे ...

सहायता और धन्यवादः डॉ. वेद व्यथित

Tuesday, April 3rd, 2012
सहायता और धन्यवादः डॉ. वेद व्यथित मेरे मित्र भरोसे का छोरा शहर में नौकरी पर लग गया| नौकरी क्या लगी उस की तो चाल-ढाल तो बदली ही अपितु हाव-भाव भी बदल गये और यहाँ तक की उस का हुलिया तक बदल गया| शहर जाने से पहले जो भी कोई उसे मिल जाता वह सब का राम-राम ...

दर्द दिखता क्यों नहीं: इला प्रसाद

Friday, March 30th, 2012
दर्द दिखता क्यों नहीं: इला प्रसाद आजकल मैं एक अजीब सी समस्या से जूझ रही हूँ। सारे वक्त कहीं- न -कहीं दर्द होता रहता है। दादी माँ का नुस्खा आजमाया । गर्म पानी का बैग बनाया और रख दिया दर्द वाली जगह पर। थोड़ी देर को दर्द गायब । फिर वही । कहीं और प्रकट हुआ। ...

पद और गोपनीयता की शपथः डॉ. वेद व्यथित

Tuesday, March 27th, 2012
पद और गोपनीयता की शपथः डॉ. वेद व्यथित हमारे देश की आबादी एक अरब से तो काफी ज्यादा हो चुकी है। यह बात तो दूसरे के घरों में ताकझाँक कर के मालूम की गई बातों की तरह ही सब को मालूम है ही। यह बात भी इतनी गोपनीय है भी नही कि देश की आबादी अब बहुत ज्यादा ...

नाक यानि नाक मतलब नाकः डॉ. वेद व्यथित

Friday, March 23rd, 2012
नाक यानि नाक मतलब नाकः डॉ. वेद व्यथित नाक, जी हाँ नाक मतलब नाक यानि नाक का मतलब नाक नही अपितु नाक नाक है, जी हाँ, आम आदमी एक तरफ है और नाक एक तरफ है तो क्या यह आदमी से अलग है| पर है तो चिपकी आदमी से ही ना, वो भी अच्छी तरह से, और अलग ...

लौह-गायः पुष्पी (रेलवे की वर्तमान स्थिति पर व्यंग्य)

Thursday, March 22nd, 2012
लौह-गायः पुष्पी (रेलवे की वर्तमान स्थिति पर व्यंग्य) नया संवत्सर (चैत्र मास से) शुरु होने वाला है। ब्रह्मा जी के परामर्श से विष्णुजी और नारद मुनि मृत्युलोक का जायजा लेने निकले हैं। वास्तव में ब्रह्मा जी के कार्यालय में ‘सूचना का अधिकार’ के तहत पिछले दस सालों से लगातार एक ही अपील-केस आ रहा है कि... सम्पूर्ण लेख पढ़ने ...

देश के प्रशासन की धुरी – डॉ. वेद व्यथित

Saturday, March 10th, 2012
देश के प्रशासन की धुरी - डॉ. वेद व्यथित देश के प्रशासन को चलाने के लिए जो सब से महत्वपूर्ण धुरी है वह है - चपरासी| जिस प्रकार पृथ्वी को ठीक से घूमने के लिए जो धुरी जरूरी है या दिन निकलने के लिए सूरज निकलना जरूरी है या रात्रि होने के लिए सूरज का छुपना जरूरी है, भूख ...
Page 1 of 3123