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दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

Posts Tagged ‘hindi poems’


यशस्वी कथाकार दिव्या माथुर से प्रीत अरोड़ा की विशेष बातचीत

Sunday, November 23rd, 2014
यशस्वी कथाकार दिव्या माथुर से प्रीत अरोड़ा की विशेष बातचीत यशस्वी कथाकार दिव्या माथुर का रचना संसार उनके संवेदन का स्पंदन है। वे प्रवासी भारतीय समाज समाज की कुण्ठाओं,विषमताओ एवं संघर्षों के जटिल एवं बहुअयामी स्वरूप को गहनता से समझती है। भारत की वरिष्ठ साहित्यकार चित्रा मुद्गलका कहना है - ‘दिव्या माथुर का वैविध्य भरा रचना संसार अपने बहुकोणीय और बहुआयामी पाठ के चलते, ...

दीपावली पर हरिवंशराय बच्चन की छः प्रसिद्ध कविताएं

Friday, November 1st, 2013
दीपावली पर  हरिवंशराय बच्चन की छः प्रसिद्ध कविताएं आज फिर से आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । है कंहा वह आग जो मुझको जलाए, है कंहा वह ज्वाल पास मेरे आए, रागिनी, तुम आज दीपक राग गाओ; आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ । तुम नई आभा नहीं मुझमें भरोगी, नव विभा में स्नान तुम भी तो करोगी, आज तुम मुझको जगाकर जगमगाओ; आज ...

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर

Sunday, September 22nd, 2013
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर हिन्दी के प्रसिद्ध कवियों में से एक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को  सिमरिया नामक स्थान पे हुआ। इनकी मृत्यु 24 अप्रैल, 1974 को चेन्नई) में हुई । जीवन परिचय : हिन्दी के सुविख्यात कवि रामाधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 ई. में सिमरिया, ज़िला ...

मैं हूँ ना – वंदना गुप्ता

Sunday, May 19th, 2013
मैं हूँ ना -  वंदना गुप्ता एक छटपटाती चीख रुँधता गला कुछ ना कर सकने की विडंबना मुझे रोज कचोटती है अंतस को झकझोरती है और सैलाब है कि बहता ही नहीं आखिर क्यों हुआ ऐसा ? प्रश्न मेरी व्याकुलता पर मेरी असहजता पर प्रश्नचिन्ह बन मुझे सलीब पर लटका देता है और मैं हूँ रोज सिसकियों के लावे को खौलाती हूँ और जीती हूँ क्योंकि .........तुम हो हाँ तुम ...........तुम्हारा ...

महादेवी वर्मा की प्रतिनिधि कविताएँ

Monday, March 25th, 2013
महादेवी वर्मा की प्रतिनिधि कविताएँ   फूल मधुरिमा के, मधु के अवतार सुधा से, सुषमा से, छविमान, आंसुओं में सहमे अभिराम तारकों से हे मूक अजान! सीख कर मुस्काने की बान कहां आऎ हो कोमल प्राण! स्निग्ध रजनी से लेकर हास रूप से भर कर सारे अंग, नये पल्लव का घूंघट डाल अछूता ले अपना मकरंद, ढूढं पाया कैसे यह देश? स्वर्ग के हे मोहक संदेश! रजत किरणों से ...

महादेवी वर्मा की कविताएँ

Monday, March 25th, 2013
महादेवी वर्मा की कविताएँ       अधिकार वे मुस्काते फूल, नहीं जिनको आता है मुर्झाना, वे तारों के दीप, नहीं जिनको भाता है बुझ जाना; वे नीलम के मेघ, नहीं जिनको है घुल जाने की चाह वह अनन्त रितुराज,नहीं जिसने देखी जाने की राह| वे सूने से नयन,नहीं जिनमें बनते आंसू मोती, वह प्राणों की सेज,नही जिसमें बेसुध पीड़ा सोती; ऎसा तेरा लोक, वेदना नहीं,नहीं जिसमें अवसाद, जलना जाना नहीं, नहीं जिसने ...

कविता : जयशंकर प्रसाद

Tuesday, January 29th, 2013
कविता : जयशंकर प्रसाद जीवन परिचय -जयशंकर प्रसाद का जन्म30 जनवरी, 1889 ई० में वाराणसी (उ० प्र०) में पिता श्री देवी प्रसाद साहू के घर में हुआ था जो एक अत्यन्त समृद्ध व्यवसायी थे। प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही प्रारम्भ हुई . काव्य-चित्राधार, कानन कुसुम, प्रेम-पथिक, महाराणा का महत्व, झरना, करुणालय, आंसू, लहर एवं कामायनी। नाटक- सज्जन, ...

डॉ. पद्मेश गुप्त के जन्मदिन के अवसर पर बहुत – बहुत शुभकामनाएँ

Saturday, January 5th, 2013
डॉ. पद्मेश गुप्त के जन्मदिन के अवसर पर बहुत - बहुत शुभकामनाएँ   डॉ. पदमेश गुप्त ब्रिटेन में हिंदी के स्तंभ है। 6वें विश्व हिंदी सम्मेलन के संयोजक और आठवें विश्व हिंदी सम्मेलन, न्यूयार्क में विश्व हिंदी सम्मान से सम्मानित कवि, कहानीकार, संपादक  डॉ पद्मेश गुप्त का पांच जनवरी को जन्मदिवस  है।  उनके स्वस्थ व रचनात्मक जीवन और दीर्घायु के लिए प्रवासी ...

बीनू भटनागर की कवितायेँ

Thursday, November 8th, 2012
बीनू भटनागर की कवितायेँ यादें जो बीत गया उसे, बीत जाने दो, बीते हुए अनमोल लम्हों का भी, अब कुछ मोल नहीं है गुज़र गया जो तूफ़ान, उसे गुज़र जाने दो। यादें चांहें अच्छी हों या बुरी आज मे उनका, कोई अस्तित्व ही नहीं यादों को ज़िंदा रक्खा तो, नींदें उड़ायेंगी, नींद मे भले ही, सपने देख लिया  करो। सपने तो सपने हैं, उनका वजूद ही नहीं, पुराने एल्बम कभी कभी देख लिया ...

गीत-‘राही’

Tuesday, November 6th, 2012
गीत-'राही' प्यार का गीत हो और सरगम भी हो सुर सजाती हुयी तुम छमछम भी हो           तुम मेरी  नींद में मेरे  सपने सीजल तुम मेरे सोच सागर में बहते कवल मद भरी चांदनी तुम तो पूनम भी हो प्यार का गीत ......... सुर की मूरत ग़ज़ल का शिवाला हो तुम मेरे गीतों के पथ का उजाला हो ...
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