मोल्डिंग सिस्टम — अलका सिन्हा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नीति आयोग की पहली बैठक 6 फरवरी भारत ने किया पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल प्रायोगिक परीक्षण व्यक्ति पूजा को अनुचित नहीं मानता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
दिव्या माथुर की कहानी : अंतिम तीन दिन अमेरिकी कोर्ट ने सोनिया गांधी से पासपोर्ट दिखाने को कहा अमेरिकी न्यायाधीश ने 1984 के दंगों पर आदेश सुरक्षित रखा यमन में डूबा जहाज, 12 भारतीय नाविक हुए लापता पंजाबी गायक शिंदा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

चुनाव आयोग ने प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ाने से रोका


natural gasनई दिल्ली,मार्च २५ । निर्वाचन आयोग ने आज केंद्र सरकार से कहा कि वह रिलायंस इंडस्ट्रीज
आदि कंपनियों के लिए प्राकृतिक गैस की कीमत अगले महीने से दोगुना करने के अपने फैसले को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक टाल दे। इस कदम से प्राकृतिक गैस की कीमतों से जुड़ा सारा फैसला कम से कम कुछ महीनों के लिए टल जाएगा।

आयोग ने इस संबंध में आज शाम पेट्रोलियम सचिव सौरभ चंद्रा को पत्र लिखा है। इसमें लिखा गया है, ‘मामले के माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन होने सहित सभी प्रासंगिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने फैसला किया है कि इस प्रस्ताव को टाला जा सकता है।’
आयोग के इस फैसले के बाद केंद्र में सत्तारूढ़ संप्रग सरकार के पास रंगराजन समिति के फार्मूले के आधार पर गैस के दाम बढ़ाने के अपने फैसले का कार्यान्वयन नई सरकार पर छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र की सभी प्राकृतिक गैस उत्पादक कंपनियों के लिए नई कीमत प्रणाली अगले महीने से लागू होनी है। इसके तहत एक अप्रैल से प्राकृतिक गैस के दाम 8.3 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमबीटीयू) होने प्रस्तावित हैं जो इस समय 4.2 डॉलर प्रति एमबीटीयू है।

नई सरकार शायद इस फॉर्मूले का पूर्ण या आंशिक कार्यान्वयन नहीं करना चाहे क्योंकि इसकी कई वर्ग कड़ी आलोचना कर चुके हैं जिनमें उर्वरक तथा बिजली क्षेत्र शामल हैं।

निर्वाचन आयोग के आज के फैसले से देश में बिकने वाली 80 प्रतिशत प्राकृतिक गैस पर कोई
असर नहीं होगा क्योंकि ओएनजीसी जैसी उत्पादक कंपनियां मौजूदा दरों तथा अनुबंध के आधार पर बिक्री करती रहेंगी। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज पर इसका असर होगा। क्योंकि उसे अपने मौजूदा बिक्री अनुबंधों को 31 मार्च से आगे बढ़ाना होगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा उसकी भागीदार बीपी पीएलसी (ब्रिटेन) गैस कीमतों में बढ़ोतरी की लंबे समय से मांग कर रही थी। जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने इसका कड़ा विरोध किया है। उसका कहना है यह फैसला रिलायंस इंडस्ट्रीज को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।

आप नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए तेल मंत्री एम वीरप्पा मोइली, रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी तथा अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। उनका आरोप था कि इन लोगों ने गैस कीमतें दोगुनी करने के लिए षडयंत्र किया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मांग की थी कि गैस कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी नहीं दी जाए।
इसके अलावा भाकपा नेता गुरूदास दासगुप्ता तथा एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने भी दर बढ़ाने को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। इस मुददे पर सुनवाई कल से फिर शुरू होगी।

प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ाने का फैसला जून 2013 में किया गया था और इस बारे में अधिसूचना इस साल 10 जनवरी को जारी हुई। पेट्रोलियम मंत्रालय ने नई कीमतों की घोषणा करने के लिए निर्वाचन आयोग की अनुमति मांगी थी।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस बारे में 13 मार्च को निर्वाचन आयोग की अनुमति मांगी थी। पेट्रोलियम सचिव चंद्रा इस दिन मुख्य चुनाव आयुक्त से मिले थे।

हिन्दी में राष्ट्रीय - अंतरराष्ट्रीय समाचार, लेख, भाषा - साहित्य एवं प्रवासी दुनिया से नि:शुल्क जुड़ाव के लिए
अपना ईमेल यहाँ भरें :

Leave a Reply